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कैप्सूल के नुकसान capsule ke nuksan

कैप्सूल के नुकसान


Loss of capsules





कैप्सूल के नुकसान  capsule ke nuksan
कैप्सूल के नुकसान  capsule ke nuksan


कैप्सूल का ऊपरी हिस्सा प्लास्टिक से नहीं बनता, सच जान लेंगे तो इसे खाना ही छोड़ देंगे                             

 मान लीजिए, आप बीमार हैं। डॉक्टर के पास चेकअप के लिए गए। उसने कुछ दवाइयां लिखीं। इनमें कुछ कैप्सूल भी हैं। बीमार हैं और सेहत ठीक करनी है। इसलिए आप दवाइयों में मौजूद खा भी लेते हैं। ये जरूरी भी है। लेकिन, आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि जो कैप्सूल आप खा रहे हैं, उनके अंदर तो दवाई होती है लेकिन बाहरी हिस्सा यानी जिसे आप प्लास्टिक का खोल या कवर समझ रहे हैं, वो हकीकत में प्लास्टिक से नहीं बनता। इसका सच जानने के बाद शायद आप कैप्सूल ही ना खाएं। बहरहाल, अब इसके मैन्यूफैक्चरिंग मटैरियल को बदलने की कवायद भी तेज हो गई है।

ये प्लास्टिक नहीं, जिलेटिन है

– कैप्सूल का जो हिस्सा आपको प्लास्टिक से बना नजर आता है या आप जिसे प्लास्टिक से बना समझते हैं, वो वैसा नहीं है। यानी ये प्लास्टिक से नहीं बनता।

– दरअसल, ये प्लास्टिक जैसा दिखता जरूर है लेकिन इसे जिलेटिन कहते हैं।

कैसे बनता है जिलेटिन?



                   


– कैप्सूल के पैकेट या डिब्बे पर उसमें मौजूद मेडिसिन कंटेंट की जानकारी तो होती है। लेकिन, ज्यादातर मामलों में कंपनियां आपको ये नहीं बतातीं कि कैप्सूल कवर जिलेटिन से बना है।

– हकीकत ये है कि जिलेटिन जानवरों की हड्डियों या फिर हड्डियों या स्किन को उबालकर निकाला जाता है। इसे प्रॉसेस कर चमकदार और लचीला बनाया जाता है।
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Milan Tomic

Hi. I’m Designer of Blog Magic. I’m CEO/Founder of ThemeXpose. I’m Creative Art Director, Web Designer, UI/UX Designer, Interaction Designer, Industrial Designer, Web Developer, Business Enthusiast, StartUp Enthusiast, Speaker, Writer and Photographer. Inspired to make things looks better.

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